साहित्य और पत्रकारिता को लेकर इन्दौर उम्मीदों का शहर- प्रो. द्विवेदी

० योगेश भट्ट ० 

इन्दौर । 'युवाओं का धर्म और समाज से जुड़ाव बढ़ रहा है, हम लिखते हैं पर दूसरे का लिखा पढ़ते नहीं हैं, इस आदत में बदलाव लाना ज़रूरी है। साहित्य और पत्रकारिता की राजधानी के रूप में शहर इन्दौर प्रसिद्ध है। साहित्य और पत्रकारिता को लेकर इन्दौर उम्मीदों का शहर है। साहित्य और पत्रकारिता को लेकर यहाँ गतिविधियाँ देखकर ख़ुशी होती है।' भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने यह बात शुक्रवार शाम कही। वे इन्दौर प्रेस क्लब और मातृभाषा उन्नयन संस्थान के बैनर तले प्रेस क्लब में आयोजित साहित्य व पत्रकारिता जगत के लोगों से चाय पर चर्चा कर रहे थे।
 द्विवेदी का स्वागत इंदौर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष संजय त्रिपाठी व मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' ने किया। साथ ही, जय सिंह रघुवंशी, सुधीर पण्डित व शिक्षाविद् डॉ. संगीता भरूका सिंघानिया ने अंगवस्त्र व पुस्तक भेंट कर अभिनंदन किया। चर्चा का संचालन मुकेश तिवारी ने व आभार डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' ने माना। चर्चा में वरिष्ठ छायाकार अभय तिवारी, पत्रकार मंगल राजपूत, वरिष्ठ लेखक दीपक शिरालकर, संदीप शर्मा, मनोज तिवारी, आदित्य उपाध्याय, वाणी जोशी, जसमीत सिंह, दामिनी सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।

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