भारत के ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ हाथ मिलाया

० संवाददाता द्वारा  ० 

मुंबई, : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने भारत में एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के लिए एक दीर्घकालिक साझेदारी की घोषणा की है। रिलायंस फाउंडेशन और एएफआई की भागीदारी वर्षों पुरानी है। रिलायंस के प्रमुख प्रायोजक बनने के साथ ही दोनों संगठनों के बीच साझेदारी और गहरी होगी। 
साझेदारी का उद्देश्य देश भर से भारतीय एथलीटों की खोज, पोषण और विकास करना और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं, कोचिंग और खेल विज्ञान और चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
इसके लिए रिलायंस फाउंडेशन ईको-सिस्टम का लाभ उठा जाएगा। इसमें उड़ीसा रिलायंस फाउंडेशन एथलेटिक्स हाई-परफॉर्मेंस सेंटर और सर सहित एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल शामिल हैं। संगठन के दृष्टिकोण के अनुरूप, इस साझेदारी में महिला एथलीटों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लैंगिक विभाजन को पाटना और महिला एथलीटों के सपनों को साकार करना है।

प्रमुख राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में, एएफआई के प्रमुख प्रायोजक के रूप में, रिलायंस ब्रांड राष्ट्रीय टीम की जर्सी और प्रशिक्षण किट पर दिखाई देगा। आईओसी की सदस्य और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की निदेशक श्रीमती नीता एम. अंबानी ने कहा, “हमें खुशी हैं कि रिलायंस फाउंडेशन और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की साझेदारी का विस्तार हो रहा है। एथलेटिक्स वैश्विक स्तर पर सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और इस एसोसिएशन का उद्देश्य लड़कियों पर विशेष ध्यान देने के साथ, हमारी युवा प्रतिभाओं को अवसर और विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करके भारतीय एथलेटिक्स के विकास में तेजी लाना है। खिलाड़ियों को बेहतर बुनियादी ढांचे तक पहुंच, प्रशिक्षण और सपोर्ट मिलेगा, तो मुझे यकीन है कि हम दुनिया भर में अपने कई और युवा एथलीटों को खेल के मैदान में जीतता देखेंगे! यह साझेदारी भारत में ओलंपिक आंदोलन को मजबूत करने के हमारे सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।“

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा, “हम  नीता अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और प्रमुख भागीदार के रूप में उनके समर्थन के बहुत आभारी हैं। एएफआई पिछले कुछ वर्षों से उनके साथ मिलकर काम कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हमने भारतीय एथलेटिक्स दल को बड़ा होते हुए देखा है। हमें पूरा यकीन है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रतिबद्ध भागीदार के साथ, जल्द ही हम एथलेटिक्स के कई खेलों में भागीदारी बढ़ने के साथ अंतर्राष्ट्रीय सफलता में भी तेज वृद्धि देखेंगे। यह साझेदारी समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी, एक मजबूत टेलेंट पूल और संभावित पदक विजेताओं को तैयार करेगी जो आने वाले वर्षों में भारत को गौरवान्वित करेंगे। ”

एथलेटिक्स के विकास के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने 2017 से रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स प्रोग्राम चला रही है, जो देश भर के 50 से अधिक जिलों में 5,500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच गया है।
रिलायंस फाउंडेशन ने 2018 में उड़ीसा सरकार के साथ साझेदारी में उड़ीसा रिलायंस फाउंडेशन एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर की स्थापना की। इस जगह ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक दिए हैं। हाल ही में, ज्योति याराजी (सीडब्ल्यूजी 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व) और अमलान बोरगोहाई ने लंबे समय से चले आ रहे राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े हैं। रिलायंस फाउंडेशन भी खेल विज्ञान और चिकित्सा सहायता के साथ एएफआई को सपोर्ट कर रहा है। रिलायंस फाउंडेशन के फिजियोथेरेपिस्ट भारतीय दलके साथ 2020 टोक्यो ओलंपिक में शामिल हुए थे।

रिलायंस फाउंडेशन, भारत के अगले चैंपियन का निर्माण करने, प्रोत्साहित करने और उन्हें सक्षम बनाने के लिए एएफआई सहित कई भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। भविष्य के चैपिंयनों के लिए फाउंडेशन बुनियादी ढांचे में सुधार, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से एक मजबूत ईको सिस्टम तैयार कर रहा है। श्रीमती नीता एम. अंबानी भारत के ओलंपिक आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं और भारत में अगली पीढ़ी के लिए खेल के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 2016 से आईओसी सदस्य के रूप में उन्होंने खेलों को बदलने और ओलंपिक आंदोलन के साथ जुड़ने के भारत के प्रयासों को मजबूती दी है। उन्होंने उस भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था जिसने मुंबई में 140 वें आईओसी सत्र 2023 की मेजबानी के लिए बोली जीती थी।

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