वर्ष 2018-19 में 10.6 मिलियन विदेशी पर्यटक भारत आए


2017-18 में 10.4 मिलियन की तुलना में, 2018-19 में विदेशी पर्यटन आगमन (एफटीए) 10.6 मिलियन रहा है। वृद्धि के संबंध में, एफटीए की वृद्धि दर 2017-18 में 14.2 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में 2.1 प्रतिशत हो गई है। पर्यटन से प्राप्‍त होने वाली विदेशी मुद्रा आय (एफईई) 2017-18 में 28.7 अरब अमरीकी डॉलर से 2018-19 में घटकर 27.7 अरब अमरीकी डॉलर रह गई है। वृद्धि के संबंस में एफईई 2017-18 में 20.6 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में -3.3 प्रतिशत हो गया है


नयी दिल्ली - केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने संसद में वर्ष 2018-19 की आर्थिक समीक्षा पेश की।


सेवा क्षेत्र का भारत के सकल संवर्धित मूल्‍य (जीवीए) में 54 प्रतिशत का योगदान है। इसकी वृद्धि दर 2017-18 के 8.1 प्रतिशत से कम होकर 2018-19 में 7.5 प्रतिशत रह गई। जिन क्षेत्रों में मंदी देखी गई, वे हैं - पर्यटन, व्‍यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण संबंधी सेवाएं, लोक प्रशासन और रक्षा। वित्‍तीय, रियल एस्‍टेट और व्‍यावसायिक सेवाओं की श्रेणी में तेजी देखी गई। 2017-18 के 10.4 मिलियन की तुलना में 2018-19 में 10.6 मिलियन पर्यटक भारत आए। पर्यटन से होने वाली विदेशी मुद्रा की आमदनी 2018-19 में घटकर 27.7 प्रतिशत हो गई, जो 2017-18 में 28.7 अरब अमरीकी डॉलर थी। आईटी-बीपीएम (बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट) उद्योग 2017-18 में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 167 अरब अमरीकी डॉलर हो गया और इसके 2018-19 में 181 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है।


सेवा क्षेत्र में भारत का सकल संवर्धित मूल्‍य


   हाल में वृद्धि में नरमी रहने के बावजूद सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन कृषि और विनिर्माण के क्षेत्र में बेहतर होना जारी रहा, जिसका कुल जीवीए वृद्धि में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान था।


सेवा क्षेत्र में व्‍यापार


    आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि 2017-18 (अप्रैल-दिसंबर) में मजबूत प्रदर्शन के बाद अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान सेवाओं के निर्यात में कुछ मंदी देखने को मिली। उप-क्षेत्रों द्वारा परिवहन सेवाओं के निर्यात में 2017-18 (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान अपनी गति मजबूत बनाए रखी। इसे प्रचार करके बेची जाने वाली वस्‍तुओं के व्‍यापार क्रिया कलाप के सुदृढ़ीकरण से सहायता मिली, जबकि कम्‍प्‍यूटर और आईसीटी सेवाओं के निर्यात में निरंतर सुधार जारी रहा। दूसरी तरफ यात्रा की प्राप्तियों में 2017-18 (अप्रैल-दिसंबर) में मजबूत वृद्धि दर्ज किए जाने के बाद अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान कुछ हद तक नरमी रही, जो इस अवधि के दौरान विदेशी पर्यटकों का आगमन कम होने के तर्ज पर थी। कारोबार सेवाओं के निर्यात में भी यही रुझान देखा गया। इस दौरान सभी क्षेत्रों में आयात में गिरावट आने के परिणामस्‍वरूप पिछले वर्ष से अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान सेवा आयात घटा है। 2017-18 (अप्रैल-दिसंबर) की स्थिति के अनुसार बढ़ते सेवा व्‍यापार अधिशेष से भारत के लगभग 50 प्रतिशत व्‍यापार घाटे के वित्‍त पोषण में सहायता मिली। तथापि सेवा व्‍यापार अधिशेष मुख्‍यत: कम्‍प्‍यूटर और आईसीटी सेवाओं की वजह से हुआ था और कुछ हद तक यात्रा सेवाओं के परिणाम स्‍वरूप था। साथ-साथ भारत व्‍यापार सेवाओं, बीमा तथा पेंशन में बहुत ही कम व्‍यापार अधिशेष और वित्‍तीय सेवाओं में कम व्‍यापार घाट उठाता है।


सेवा क्षेत्र में विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई)


  सेवा क्षेत्र में एफडीआई इक्विटी अंतर्वाह भारत में होने वाले कुल एफडीआई इक्विटी अंतर्वाह का 60 प्रतिशत से अधिक है। 2018-19 के दौरान सेवा क्षेत्र में एफडीआई इक्विटी अंतर्वाह पिछले वर्ष के लगभग 28.26 अरब डॉलर से घटकर 696 अरब डॉलर का रह गया, जो 1.3 प्रतिशत कम था। यह भारत में हुए संपूर्ण एफडीआई अंतर्वाह है। थोड़ी गिरावट की तर्ज पर है। ऐसा उप-क्षेत्रों, जैसे कि दूरसंचार, परामर्शी सेवाओं और वायु तथा जल परिवहन के क्षेत्र में कम एफडीआई अंतर्वाह के कारण हुआ, जिसका मजूबत अंतर्वाह शिक्षा, खुदरा व्‍यापार और सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में देखने को मिला।


पर्यटन


   आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि पर्यटन क्षेत्र अर्थव्‍यवस्‍था के विकास का एक प्रमुख तंत्र है, जो जीडीपी, विदेशी मुद्रा अर्जित करने तथा रोजगार के संबंध में महत्‍वपूर्ण योगदान देता है। भारत में 2017-18 में विदेशी पर्यटन आगमन (एफटीए) 14 प्रतिशत से बढ़कर 10.4 मिलियन तथा विदेशी मुद्रा से आमदनी (एफईई) में 20.6 प्रतिशत से 28.7 अरब अमरीकी डॉलर की वृद्धि हुई। तथापि यह क्षेत्र 2018-19 में मंदी का सामना कर रहा है। 2017-18 में 10.4 मिलियन की तुलना में, 2018-19 में विदेशी पर्यटन आगमन (एफटीए) 10.6 मिलियन रहा है। वृद्धि के संबंध में, एफटीए की वृद्धि दर 2017-18 में 14.2 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में 2.1 प्रतिशत हो गई है। पर्यटन से प्राप्‍त होने वाली विदेशी मुद्रा आय (एफईई) 2017-18 में 28.7 अरब अमरीकी डॉलर से 2018-19 में घटकर 27.7 अरब अमरीकी डॉलर रह गई है। वृद्धि के संबंस में एफईई 2017-18 में 20.6 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में -3.3 प्रतिशत हो गया है। हाल के वर्षों में विदेशी पर्यटन में तेजी आई है। 2016 के 21.87 मिलियन से 2017 के दौरान 23.94 मिलियन भारतीय नागरिकों ने भारत से प्रस्‍थान किया, जो 9.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की तुलना में दोगुने से अधिक है।


आईटी-बीपीएम सेवा


   आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि नैस्‍कॉम के आंकड़ों के अनुसार भारतीय आईटी-बीपीएम उद्योग 2016-17 में 154 अरब अमरीकी डॉलर से 2017-18 में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 167 अरब अमरीकी डॉलर (ई-कॉमर्स को छोड़कर, लेकिन हार्डवेयर सहित) पर पहुंच गया। इसके 2018-19 में 181 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की उम्‍मीद है। आईटी-बीपीएम निर्यात 2017-18 में 7.7 प्रतिश बढ़कर 126 अरब अमरीकी डॉलर हो गया और अनुमान है कि 2018-19 में यह 12 प्रतिशत की वृद्धि दर से 136 अबर अमरीकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। अनुमान है कि वित्‍त वर्ष 2018-19 में ई-वाणिज्‍य बाजार 12 प्रतिशत की वृद्धि दर से 43 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच जाएगा। आईटी सेवाएं लगभग 20 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी के साथ बीपीएम द्वारा अनुसरित लगभग 52 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी के साथ सबसे बड़ा हिस्‍सा है। सॉफ्टवेयर उत्‍पाद तथा इंजीनियरिंग सेवाओं के साथ लगभग 19 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी है, जबकि हार्डवेयर की 10 प्रतिशत है।


मीडिया और मनोरंजन सेवा


   मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में मुख्‍य रूप से टेलीविजन, प्रिंट, रेडियो, फिल्‍में, संगीत, डिजिटल विज्ञान, ओवर द टॉप (इंटरनेट पर डाली गई ओटीटी फिल्‍म तथा टेलीविजन सामग्री), विजुअल इफैक्‍ट (वी इफैक्‍ट्स) और गेमिंग शामिल है। प्रौद्योगिकी ने इस क्षेत्र में बहुत तेजी से बदलाव किए हैं। विशेष रूप से सामग्री और वाहक में। फिक्‍की-ईवाई मीडिया और मनोरंजन रिपोर्ट, 2019 के अनुसार इस उद्योग का आकार 2013 में 91,810 करोड़ रुपये से 2018 में 1,67,500 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है। पिछले पांच वर्षों में 82.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ओडियो विजुअल सेवाओं की सरकार द्वारा विकास पर केन्द्रित चुने गए (2018) 12 सर्वोत्‍तम सेवा क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचान की गई है, ताकि इसकी पूर्ण क्षमता का उपयोग किया जा सके।