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AAP के निलंबित नेता कपिल मिश्रा BJP में शामिल

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नयी दिल्ली , आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित नेता कपिल मिश्रा भारतीय जनता पार्टी (BJP ) में शामिल हो गए हैं । केजरीवाल सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने लोकसभा-2019 के चुनाव में दिल्ली की सातों सीट मोदी को दिलाने के लिए अभियान चलाया था। कपिल मिश्रा के साथ आप की महिला इकाई की प्रमुख ऋचा पांडेय भी भाजपा में शामिल हुईं । भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पंत मार्ग पर पार्टी कार्यालय में दोनों का स्वागत किया।  कपिल मिश्रा को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने दो अगस्त को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था। कपिल मिश्रा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी विधानसभा के करावल नगर से आप विधायक थे और केजरीवाल सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री रह चुके, मई 2017 में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था। अगस्त 2019 में अयोग्य घोषित होने के साथ ही कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई है।  कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखा था। कपिल, भाजपा पार्षद और पूर्वी

रक्षा मंत्रालय ने कहा "ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड" के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं

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समिति ने कर्मचारी संगठनों को बताया कि ओएफबी के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसे रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (डीपीएसयू) बनाने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। यह उपक्रम 100 प्रतिशत सरकार के स्वामित्व में है। इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि ओएफबी का निजीकरण किया जा रहा है। नयी दिल्ली -  रक्षा उत्पादन विभाग के अपर सचिव की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के अध्यक्ष के साथ मिलकर एक बार फिर अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ,भारतीय राष्ट्रीय रक्षा कर्मचारी महासंघ, भारतीय प्रतीक्षा मजदूर संघ और रक्षा मान्यता प्राप्त संघों के पदाधिकारियों के साथ 20 अगस्त से उनके द्वारा शुरू की जाने वाली हड़ताल के नोटिस के मुद्दे पर बातचीत की। समिति ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की 30 दिनों की हड़ताल का आह्वान अप्रत्याशित हैं, विशेष रूप से यह देखते हुए कि सरकार ने रक्षा मंत्रालय स्तर पर विचार विमर्श करने की उनकी मांग पहले ही स्वीकार कर ली थी। समिति ने कर्मचारी संगठनों को बताया कि ओएफबी के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसे रक्षा