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जनवरी 17, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीय जन संचार संस्‍थान में 'स्‍वच्‍छता पखवाड़े' का शुभारंभ

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्‍ली ।  स्वच्छ भारत अभियान में हासिल हमारी सफलताएं, हमारी पद्धतियां और हमारी व्यवस्थाएं आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक हैं। भारत अपनी नई योजनाओं और पर्यावरण के लिए प्रतिबद्धता के माध्यम से दुनिया को कई चुनौतियों से लड़ने में मदद कर रहा है। आज हमारी पीढ़ी के सामने यह अवसर है कि हम अगली पीढ़ियों के लिए एक पूर्णतः स्वच्छ भारत का निर्माण करें। ‘स्वच्छ भारत’ की नींव पर ही ‘स्वस्थ भारत’ और ‘समृद्ध भारत’ का निर्माण होगा। भारतीय जन संचार संस्‍थान में स्‍वच्‍छता पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता का विशेष महत्व है। स्वच्छता अपनाने से व्यक्ति रोगमुक्त रहता है और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में स्वच्छता अपनानी चाहिए और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। इस अवसर पर महानिदेशक ने संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। 16 से 31 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए प्रो. द्विवेदी ने क

देश भर में 108 जल त्रासदी वाले जिलों में जागरूकता अभियान

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली -  विश्व में जल संरक्षण व पेय जल को संरक्षित करने की मुहिम "जल-धन " वसन्त लक्षमी चैरिटेबल ट्रस्ट की इस पहल को देश भर में 108 जल त्रासदी वाले जिलों में एक जागरूकता अभियान का शुभारम्भ जल धन यात्रा को  केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं गोविन्द कार्जोल माननीय जल संसाधन मंत्री आन्ध्र प्रदेश ने झन्डी दिखा कर रवाना किया । इस अवसर पर अजयसिंह बिष्ट अध्यक्ष गढ़वाल हितैषिणी सभा  यशोदा घिल्डीयाल कार्यकारिणी सदस्य ,आजीवन सदस्य कुसुम बिष्ट एवं विजयलक्ष्मी नौटियाल , लक्ष्मी रावत पटेल,व शशी बंगारी नेगी, उपस्थित रहे ।

नाट्यशास्त्र का सिर्फ़ अभ्यास ही नहीं ,अपितु देश विदेश में इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए

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० योगेश भट्ट  ०  भोपाल -  नाट्य अनुसंधान केन्द्र के स्थापना उद्देश्य पर प्रकाश डालते कहा कि भोपाल में इस केन्द्र की स्थापना का बहुत बड़ा कारण यह भी है कि यह मध्य प्रदेश भारत का भव्य हृदय स्थल है । केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली , के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने भोपाल परिसर के नाट्य अनुसंधान केन्द्र के द्वारा नाट्यशास्त्र और भारतीय रंगमंच में आचार्य ( एम ए) के अध्ययन की शुरुआत के उद्घाटन सत्र में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि  इस नये पाठ्यक्रम के श्रीगणेश से इस विद्या के प्रयोग, शास्त्र तथा दर्शन का समन्वित रुप से अध्ययन अध्यापन का सही अर्थों में उत्कर्ष होगा क्योंकि नाट्य प्रयोग कलाओं का सहकार होता है और इस केन्द्र के माध्यम से नाट्य विद्या पूरे विश्व में प्रतिष्ठित होगा और बहूचर्चित नाट्यविद् आचार्य राधावल्लभ त्रिपाठी जी के मार्गदर्शन में इस अनुसंधान केन्द्र की जो स्थापना की गयी थी , उस लक्ष्य को भी पर्याप्त बल मिलेगा ।  कुलपति प्रो वरखेड़ी ने यह भी कहा कि यह विश्वविद्यालय संगीत नाटक अकादमी से भी समझौता ज्ञापन करने जा रहा है।आगे उन्होंने यह भी कहा कि लंदन के भारतीय विद

दीक्षित दनकौरी का ग़ज़ल संग्रह ' सब मिट्टी ' का लोकार्पण एवम शायर अंबर खरबंदा को 'ग़ज़ल कुंभ 2023 सम्मान

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० इरफ़ान राही ०  हरिद्वार, उत्तराखंड-अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू व बसंत चौधरी फाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से हरिद्वार में दो दिवसीय ग़ज़ल कुंभ का आयोजन किया गया,जिसका उद्घाटन विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने किया। चार सत्रों में हुए इस दो दिवसीय ग़ज़ल कुंभ में देशभर से पधारे लगभग 150 गजलकारों ने शानदार ग़ज़ल पाठ किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में नेपाल से डा श्वेता दीप्ति एवम मुख्य अतिथि के रूप में डा मधुप मोहता ( IFS) और शैलेंद्र जैन अप्रिय (अमर भारती) पधारे। इस अवसर पर प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी के सद्य प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह ' सब मिट्टी ' का लोकार्पण एवम देहरादून के वरिष्ठ शायर अंबर खरबंदा को 'ग़ज़ल कुंभ 2023 सम्मान ' प्रदान किया गया। आयोजक संस्था अंजुमन फरोगे उर्दू के अध्यक्ष मोईन अख्तर अंसारी ने सभी गणमान्य अतिथियों का माल्यार्पण द्वारा स्वागत किया। ज्ञातव्य है कि पिछले 18 वर्षों से प्रतिवर्ष निरंतर ग़ज़ल कुंभ का आयोजन होता आ रहा है जिसमें देश भर के सैकड़ों वरिष्ठ और नवागंतुक ग़ज़लकार ग़ज़ल पाठ कर चुके हैं।

आज की पत्रकारिता को गांधी का मार्ग दिखाया जाए

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० आशा पटेल ० जयपुर । कुमार प्रशांत का कहना था कि हमें एक्शन एवं कमिटमेंट के साथ शब्दों को आकार देना चाहिए। गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में सार्वजनिक जीवन में उतरते हुए नई सोच को जमीन पर उतारने के लिए नए कर्म के आगाज के रूप में इंडियन ओपिनियन नामक पत्र प्रारम्भ किया। भारत में चंपारण सत्याग्रह के उदाहरण के माध्यम से उन्होंने भयमुक्त पत्रकारिता का उल्लेख किया। यंग इडिया, हरिजन आदि समाचार पत्रों के माध्यम से सामाजिक न्याय और समानता के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में संयम आवष्यक है एवं सत्य की आवाज को बुलंद किया जाना चाहिए। महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ गवर्नेन्स इन सोशल साइंस में महात्मा गांधी की पत्रकारिता : समसामयिक सन्दर्भ पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गांधी विचारक कुमार प्रशांत रहे। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का प्रारम्भ सुब्बाराव के गीत जय जगत जय जगत से हुआ। इसके उपरांत संस्था के अकादमिक सलाहकार प्रो. संजय लोढ़ा ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का उद्देष्य गांधीवादी मूल्यों एवं आदर्शों को नई पीढ़ी तक पह