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दिसंबर 11, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

डोपिंग जागरूकता पैदा करने के लिए बड़े अभियान की जरुरत

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नयी दिल्ली - फिट इंडिया अभियान खेल, योग और अन्‍य शारीरिक गतिविधियों के माध्‍यम से फिटनेस और इसके महत्‍व के बारे में देश के सभी नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। उन्‍होंने कहा कि खेल में जीत हासिल करने के लिए खिलाडि़यों का फिट रहना बहुत जरूरी है। खिलाडि़यों को नियमित कसरत, योग और पोषक आहार के माध्‍यम से फिटनेस अर्जित करनी चाहिए। डोपिंग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए नाडा की भूमिका की सराहना करते हुए रिजिजू ने कहा कि अपने सीमित संसाधनों के साथ नाडा डोपिंग और इसके दुष्‍प्रभावों के बारे में खिलाडि़यों को जानकारी देने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। केन्‍द्रीय युवा मामले और खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) किरण रिजिजू ने डोपिंग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक बड़े अभियान का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि खेलों की स्‍वच्‍छ भावना का खिलाडि़यों में शुरूआत से ही समावेश किया जाना चाहिए। फिल्‍म कलाकार सुनील शेट्टी को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (एनएडीए) का ब्रांड एम्‍बेसडर नियुक्‍त करने के संबंध में आयोजित समारोह में रिजिजू ने कहा स्‍वच्‍छ खेल सरकार का एजें

मानव अधिकारों की रक्षा जरुरी

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लाल बिहारी लाल नई दिल्ली। आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया को प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ''मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना है। जैसे कि जीवन और आजाद रहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के साथ ही साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार, भोजन का अधिकार, काम करने का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार।'' आदि शामिल है।     मानवाधिकारों के इतिहास और इसकी चिंताओं को देखें तो सर्वप्रथम इसके बारे में हमें भारतीय वांग्मय में व्यापक तौर पर सामग्री मिलती है। दुनिया कि आदि ग्रंथ कहे जाने वाले सबसे प्राचीन ग्रंथों के रूप में मान्य वेदों में यह सर्वप्रथम दिखाई देते हैं। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद से लेकर अथर्ववेद में अनेक ऋचाएं हैं, जो इस बात पर चिंता व्यक्त करती हैं कि व्यक्ति के स्वतंत्रता के अधिकार के साथ उसके बोलने की आजादी का संपूर्ण रूप से ख्याल रखा जाए। राज्य के स

डिफेंस एक्‍सपो 2020 में देश के एयरोस्पेस,रक्षा और मातृभूमि सुरक्षा की पूर्ण झलक मिलेगी

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वेबिनार पथ प्रवर्तक विषयों पर केंद्रित होगा और दुनिया भर में प्रेषित होगा। इसके विषय शिक्षकों की दिलचस्‍पी से लेकर रक्षा के लिए प्रासंगिक, एयरोस्पेस और सुरक्षा उद्योग, शोध के क्षेत्र और छात्रों की रूचि से जुड़े होंगे। लखनऊ  - रक्षा मंत्रालय डिफेंस एक्‍सपो 2020 के दौरान 10 दिसम्‍बर से वेब आधारित सेमिनार (वेबिनार) की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है। इस द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम का 11वां संस्‍करण उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 05 फरवरी से 08 फरवरी, 2020 तक होगा। वेबिनार का संचालन रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग में सचिव और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्‍यक्ष डा. जी. सतीश रेड्डी, पद्मश्री डा.कोटा हरिनारायण, भात फोर्ज लिमिटेड के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक बाबा कल्‍याणी, सिनर्जिया फाउंडेशन के संस्‍थापक और अध्‍यक्ष तोबी साइमन, आईआईटी भिलाई के निदेशक/ रक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्‍क फोर्स के सदस्‍य डा.रजत मोंगा तथा रक्षा मंत्रालय/भारतीय रक्षा उत्‍पादन और निवेश विभाग के अधिकारी करेंगे।   वेबिनार का विवरण, कार्यक्रम, वक्ताओं की जानकारी, विषयों पर संक्षिप्त विवरण और प्

"भारतीय संस्कृति पोर्टल" भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी देता है

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नयी दिल्ली - सिंधु घाटी सभ्यता की खिलौना गाड़ियों से लेकर महात्मा गांधी के चरखे तक, भारतीय संस्कृति शास्त्रों और डेक्कन कोर्ट के चित्रकारों की चालाकी को शब्दों में पिरोती है। पोर्टल पर सामग्री एकत्र करने और दिखाने की प्रक्रिया जारी है और समय के साथ प्रस्तुत जानकारी की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ायी जाएगी। पोर्टल एक रिपॉजिटरी से अधिक है।  यह भारतीय संस्कृतियों के मिलन के गर्व की परिणति है, जो पांच हजार से अधिक वर्षों से सह-अस्तित्व में है और समृद्ध है। पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री में मुख्य रूप से दुर्लभ पुस्तकें, ई-पुस्तकें, पांडुलिपियां, संग्रहालय की कलाकृतियों, आभासी दीर्घाओं, अभिलेखागार, फोटो अभिलेखागार, गजेटियर, भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथ सूची, वीडियो, चित्र, व्यंजन, यूनेस्को, भारत के संगीत उपकरण शामिल हैं। संस्कृति मंत्रालय विभिन्न संगठनों से डेटा संग्रह की सुविधा के लिए सक्रिय रूप से शामिल है। पोर्टल की अनूठी विशेषताओं में कहानियां है, जो मूल अभिलेखीय दस्तावेजों के आधार पर दिलचस्प, पढ़ने और समझने में आसान प्रारूप में वर्णित हैं। पोर्टल में भारत के विभिन्न राज्यों के व्यंजनों, त्योहारों, चित्

भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन ( ILNA ) की 78वीं वार्षिक आम बैठक कोलकाता में आयोजित

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कोलकाता  - इलना की 78वीं वार्षिक आम बैठक के बाद कार्यकारिणी ,भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन (इलना) की 78वीं वार्षिक आम बैठक कोलकाता में आयोजित हुई. 78वीं आम सभा में देश भर से आए 60 से भी ज्यादा सदस्यों ने भाग लिया. अध्यक्ष परेश नाथ व उपाध्यक्ष विवेक गुप्त ने पिछले साल इलना द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी.  कार्यकारी समिति में 12 सदस्य सेवानिवृत्त हुए थे व उनके स्थान पर 12 सदस्यों को सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया . कार्यकारी समिति ने श्री परेश नाथ को अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया । इस  सभा में पूर्व निर्धारित एजेंडे पर चर्चा के अ लावा पदाधिकारियों का चुनाव हुआ .  अब वर्ष 2019-20 कार्यकारिणी समिति के कार्यकारी सदस्य :  परेश नाथ ( सर स सलिल ) : अध्यक्ष विवेक गुप्त ( सन्मार्ग ) : उपाध्यक्ष प्र काश पोहरे ( देशोन्नति ) : उपाध्यक्ष नगन्ना एस ( प्र जा प्रगति ) : महासचिव कुरियन अब्राहम ( धनम ) : महासचिव अर्विन डिसूजा ( चंपक मराठी ) : कोषाध्यक्ष अकबर बेलगाम्कर ( मान्केश पत्रिका ) : संयुक्त सचिव डॉ . शरद रामदेव सिच्ची ( दक्षि ण की रौनक ) : संयुक्त सचिव वी . एस . रेनापुर्कर ( मधु विचार

फोर्टिस हॉस्पिटल,नवजात के जन्‍म के 24 घंटे के अंदर की गई जीवनरक्षक कार्डियक सर्जरी

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संकरी महाधमनी वॉल्व और एक लीफलेट के बिना जन्‍मे नवजात में रक्‍त प्रवाह हो रहा था प्रभावित, जिससे उसके जीवन को था खतरा। जब महाधमनी वॉल्व में केवल दो (तीन के बजाय) लीफलेट्स होते हैं, तो इसे बाइकस्पिड एऑर्टिक वॉल्‍व (या बीएवी) कहा जाता है। अक्सर वॉल्‍व के लीफलेट्स सामान्‍य से मोटे और कम लचीले होते हैं, और उनके बीच विभेदक रेखाएं वेरिएबल डिग्री तक उन्‍हें एक-दूसरे फ्यूज्‍ड करते हैं। नवजात में गंभीर महाधमनी वॉल्व स्टेनोसिस की वजह से जन्‍म के पहले ही दिन हार्ट फेल्‍यर विकसित होने का खतरा रहता है। यह एक आपातकालीन स्थिति है जिसमें वॉल्व के बलून का फैलाव करने या सर्जरी के जरिये तत्‍काल उपचार की आवश्‍यकता होती है। नई दिल्‍ली ,  फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग के चिकित्‍सकों ने 24 घंटे के एक नवजात की जीवनरक्षक कार्डियक सर्जरी की। बच्चे का जन्म संकरी महाधमनी वॉल्व के साथ हुआ था और उसमें एक लीफलेट भी नहीं था, जिसकी वजह से शरीर में मुक्त रक्त प्रवाह बाधित हो रहा था। डॉ. गौरव गर्ग, सीनियर कंसल्‍टैंट, पीडिएट्रिक कार्डियोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग के नेतृत्‍व में विशेषज्ञों की एक टीम ने इस सर्जरी