पीस बिल्डर्स फोरम : मणिपुर भेजेगा महिलाओं का एक दल

० आशा पटेल ० 
जयपुर। मणिपुर में सवा साल से चल रहे अशांति के हालातों पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए पीस बिल्डर्स फोरम इण्डिया ने वहां शांति स्थापना के प्रयासों को गति देने के लिए महिलाओं का एक दल भेजने का निर्णय किया है। फोरम के राष्ट्रीय सम्मेलन में फोरम के संस्थापक राजगोपाल पीवी को मणिपुर में अमन चैन का माहौल बनाने के लिए अन्य हरसंभव प्रयास करने के लिए भी अधिकृत किया।
देश के 12 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने सम्मेलन के दौरान हुए विचार विमर्श के आधार पर शांति और अहिंसा का माहौल बनाने के लिए अन्य उपायों को भी अन्तिम रूप दिया। मध्य प्रदेश की पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर ने तीन दिन के विचार विमर्श पर कहा कि इसके लिए आधा दर्जन चर्चा समूह बनाकर उनकी सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय हुए हैं। फोरम ने राज्य में अहिंसा और शांति विभाग स्थापित करने सहित ऐसे ही अन्य ठोस प्रयास करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना की और इन उपायों को देश के अन्य राज्यों में भी लागू करने पर जोर दिया।
इस दौरान विभाग के संस्थापक निदेशक रहे बी एम शर्मा ने उस समय हुए कार्यों का विस्तार से जिक्र किया। फोरम ने शांति और अहिंसा के लक्ष्य के लिए काम करने वाले युवाओं को विभिन्न स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए 'प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण' कार्यक्रम शुरू करने, सांप्रदायिक सद्भाव और क्लाइमेट चेंज जैसी वैश्विक चिंताओं पर स्थानीय स्तर पर पदयात्राएं निकालने का भी निश्चय किया।

इस अवसर पर भगवान महावीर सेवा संस्थान के डी आर मेहता और भारत सेवा संस्थान के गिरधारी सिंह बापना, शांति सेवकों में रजनी बख्शी, मधुसूदन दास, मनोज जेना, महाराष्ट्र से dr शांताराम बडगुजर और देवेन वाचस्पति ने भी विचार रखे। मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि, शांति के प्रयासों को जमीनी सेवा कार्यों से जोड़कर किया जाना चाहिए तभी उनकी विश्वसनीयता बनती और कायम रहती है। 
उन्होंने संस्थान द्वारा विश्व भर में कृत्रिम पांव के सेवा कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। । फोरम ने यह संकल्प दोहराया कि वह अहिंसा के प्रयोगों के साथ शांति का वातावरण बनाने के लक्ष्य पर काम जारी रखेगा।

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